बहराइच के पयागपुर में ग्रामीण आवास आवंटन में कथित अनियमितताओं पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।
बहराइच/लखनऊ, 23 अक्टूबर। जनपद बहराइच की तहसील पयागपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन और आवंटन में कथित अनियमितताओं का मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ पहुंच गया है। हनुमान समेत चार याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल रिट याचिका पर न्यायालय ने 22 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दीक्षित ‘आदिदेव’ ने न्यायालय में दलील दी कि ग्राम प्रधान और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर कथित मिलीभगत के चलते पात्र ग्रामीणों की अनदेखी कर कुछ चहेते व्यक्तियों को आवास आवंटित किए जाने में अनियमितताएं की गई हैं। याचिका में आवास आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने, पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का मुद्दा उठाया गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने की। न्यायालय के आदेश के अनुसार, संबंधित प्रतिवादियों को प्रति-शपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
न्यायालय ने वरिष्ठ रजिस्ट्रार को आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बहराइच के माध्यम से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला परियोजना निदेशक/जिला विकास अधिकारी को भेजने का निर्देश भी दिया है।
ग्रामीण आवास योजना में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दृष्टि से इस मामले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब संबंधित अधिकारियों के जवाब और आगामी न्यायिक कार्यवाही के दौरान मामले के तथ्यों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।