मछरेहटा, सीतापुर। मछरेहटा के राज्य ग्रामीण पर्यटन स्थल बीहट बीरम में 22 अक्टूबर से प्रारंभ सात दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं विराट संत समागम का बीते बुधवार को विशाल भंडारे और पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। मंदिरों की प्राचीनता और धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध इस गांव में वर्ष 2002 से लगातार रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक परंपरा की शुरुआत प्रेरक पं. मनमोहन मिश्र के संयोजन में हुई थी। तब से ग्रामवासियों के सहयोग से यह आयोजन निरंतर जारी है।
सात दिवसीय महायज्ञ के दौरान सुबह-शाम धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन किया गया। गांव के पं. अशोक तिवारी, श्रवण कुमार अवस्थी, शेर बहादुर सिंह, रामबाबू शुक्ल, नरेश तिवारी, अजीत कुमार सिंह, सूरज दीक्षित, बृजेश कुमार शुक्ल, रामकुमार त्रिपाठी, मृत्युंजय शरण सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह और सुमन सिंह सहित अन्य लोगों ने आयोजन में सहयोग किया। गांव और आसपास के क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने तन, मन और धन से योगदान देकर महायज्ञ को सफल बनाया।
इस दौरान श्री राम गोपाल लीला समिति, वृंदावन-मथुरा की ओर से रामायण और महाभारत सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन किया गया, जिससे श्रद्धालु भक्ति और धर्म की परंपराओं से जुड़े रहे। अंतिम दिन पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा गांव निवासी एवं जिले के प्रतिष्ठित उद्यमी प्रदीप दीक्षित के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ।
महायज्ञ के यज्ञमान मातृदत्त अवस्थी ने कहा कि बीहट बीरम में रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूरे होना पूरे गांव और क्षेत्र के लोगों की आस्था, सहयोग और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भी सभी के सहयोग से इस धार्मिक आयोजन को और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाता रहेगा।